Description
इस पुस्तक में महाकवि संत श्री तुलसीदास जी के द्वारा अवधि में लिखे गये रामचरित मानस के एक अध्याय सुन्दरकांड का काव्यात्मक हिन्दी अनुवाद किया गया है। जिसमें माता सीता को खोजने के लिए हनुमानजी द्वारा समुन्द्र पार कर लंका पहुँचने तथा लंका दहन और माता सीता के संबंध में श्री राम को सूचना प्राप्त होने तथा समुन्द्र मार्ग तक उल्लेख है। इसके रूपान्तरण में छंद, दोहा, चौपाई तथा सोरठा के वर्णों की संख्या एवं मात्रा का ध्यान रखा गया है। साथ ही हनुमान चालीसा तथा अन्य आरतियों का हिन्दी अनुवाद किया गया है।





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